बिजली संकट टालने के लिए कोल इंडिया की योजना, अब सड़क से मिलेगा 'अतिरिक्त' कोयला
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने उन बिजली संयंत्रों को सड़क मार्ग से तय मात्रा से ज्यादा कोयला खरीदने की छूट दी है, जिनके पास ईंधन आपूर्ति समझौते (FSA) हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कम से कम 57 ताप विद्युत गृहों में कोयले का भंडार, तय जरूरत 57.7 मिलियन टन के मुकाबले सिर्फ 27.1 मिलियन टन ही बचा था।
इस कदम के पीछे मकसद यह है कि बिजली की सप्लाई लगातार बनी रहे और कोयले की कमी से होने वाली बिजली कटौती को रोका जा सके।
बारिश के बावजूद कोल इंडिया का उत्पादन बढ़ा
इस महीने CIL ने अपने रोजाना के उत्पादन को 1.36 मिलियन टन से बढ़ाकर 1.7 मिलियन टन तक पहुंचाया है। साथ ही, पिछले साल के मुकाबले कुल कोयले की सप्लाई में भी बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, लगातार हुई बारिश की वजह से खदानों के निचले हिस्सों में पानी भर गया और कोयले की परतें भी बहुत गीली हो गईं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। कोयला मंत्रालय ने बताया है कि टीमें पानी निकालने और सड़कें ठीक करने में लगी हैं, ताकि कामकाज फिर से सामान्य हो सके।