केंद्र ने CJP की सभी मांगे मानी; धरना खत्म, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं होगी कोई कार्रवाई
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से उठाई जा रही मांगों को मान लिया है। दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में शनिवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया गया। CJP प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR को वापस लेने की मान सरकार ने मान लिया है। धरना तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है।
मुकदमा
सभी FIR रद्द होंगी और उसकी प्रति साझा करेगी सरकार
दास ने कहा कि सरकार ने दिल्ली ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित राज्यों के प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई न करने का वादा किया है।
दास ने कहा, "हमने सरकार के साथ एक मसौदा शेयर किया है जो लिखित गारंटी है। सरकार इसे मंगलवार तक साझा करेगी। उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें सरकार की गारंटी मिल जाएगी।"
दास ने बताया कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी और CJP पदाधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
मुआवजा
मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा देगी सरकार
CJP की तीसरी मांग थी कि पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले मृतक छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
रांका ने कहा कि सरकार ने सहमति दी है कि जो भी नियम के मुताबिक होगा, छात्रों के परिजनों को उसी के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
नड्डा ने भी कहा कि मृतक छात्रों के प्रति सहानुभूति है और वह नियम के मुताबिक छात्रों के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा देने को तैयार है।
बैठक
परीक्षा सुधार को लेकर 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
नड्डा ने बताया कि CJP ने परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए 5 बिंदुओं ज्ञापन सौंपा है, जिस पर गहन चिंतन किया जाएगा और CJP के नेताओं से भी इस पर आगे बात होगी।
रांका ने बताया कि अगले 4 हफ्तों में सरकार के साथ मिल से मुलाकात होगी।
नड्डा ने कहा कि 3 बार की मुलाकात के बाद सरकार ने सभी बातों को मान लिया है और धरना खत्म करने की आग्रह किया है।
आंदोलन
अब घर वापस जाएंगे प्रदर्शनकारी- CJP
प्रेस कॉन्फ्रेंस रांका ने सभी प्रदर्शनकारी छात्रों से अपील की, "हमारी तमाम मांगे मांग ली गई हैं, तो हम सभी प्रदर्शनकारियों से निवेदन करते हैं कि वे आंदोलन समाप्त करें, अपने घर वापस जाएं। आगे की हमारी जो भी रणनीति और बातचीत होगी, उससे अवगत कराया जाएगा। हम मांग करते हैं कि आंदोलन को समाप्त किया जाए।"
CJP का आंदोलन समाप्त होने के बाद अब जंतर-मंतर से भीड़ कम होने लगी है और दिल्ली मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं।
बयान
सोनम वांगचुक ने दिया बयान
CJP का आंदोलन खत्म होने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, "यह लोकतंत्र की जीत है। मुझे उम्मीद है कि भारत के लोकतंत्र की रक्षा भी इसी तरह की जाएगी। मैं शांतिपूर्ण तरीकों से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए मुख्य न्यायिक परिषद को भी बधाई देता हूं।"
इससे पहले वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ने के बाद उठ रहे सवालों पर एक वीडियो जारी कर जवाब दिया था।
ट्विटर पोस्ट
नड्डा का बयान
#WATCH | Delhi: After talks with Cockroach Janta Party delegation, Union Minister JP Nadda says, "We had a long conversation today. They brought a written draft in which they made four points about the ongoing cases in agitation. Along with that, we discussed the other two… pic.twitter.com/H1ImnechUm
— ANI (@ANI) July 25, 2026
ट्विटर पोस्ट
CJP प्रवक्ता सौरभ दास का बयान
#WATCH दिल्ली: सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं। यह भी हमारी दूसरी मांग थी।… pic.twitter.com/LA57ykgR71
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
सलाह
दास ने मीडिया को दी सलाह
प्रवक्ता दास ने मीडिया कर्मियों के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार पर कहा, "जिन लोगों ने भी हिंसा की और जो असामाजिक तत्व मीडिया और आम जनता के खिलाफ लोगों को भड़का रहे थे, हम ऐसी हरकतों की निंदा करते हैं। ऐसे असामाजिक तत्व CJP में घुस आए थे।"
उन्होंने मीडिया चैनल के मालिकों को सीख दी कि वे ऐसा दुष्प्रचार क्यों चला रहे हैं, जिससे युवा नाराज हैं और फील्ड के पत्रकारों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।
बयान
जोशी बोले- देर आए दुरुस्त आए
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताई।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'देर आये दुरुस्त आये। धर्मेंद्र प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया। आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री जी इस पर शीघ्र समयोचित निर्णय लेंगे। उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं कि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया। आशा करता हूं कि अब शिक्षा जगत में शीघ्र शांति होगी और छात्रों को अपने उज्जवल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।'
इंटरनेट
इंटरनेट बहाल, सभी मेट्रो स्टेशन के गेट खोले गए
छात्रों का आंदोलन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय दिल्ली खासकर कनॉट प्लेस क्षेत्र में इंटरनेट को बहाल कर दिया है।
जंतर-मंतर में आंदोलन शुरू होने के बाद 20 जुलाई को संसद चलो को देखते हुए इंटरनेट बंद किया गया था। साथ ही, कनॉट प्लेस की दुकानें शाम 6 बजे बंद करने के आदेश थे।
दिल्ली मेट्रो ने भी जंतर-मंतर और संसद के आसपास के सभी 18 मेट्रो स्टेशन को खोल दिया है। यहां छात्रों की भीड़ है।
धरना
37 दिन पहले शुरू हुआ था धरना
दिल्ली के जंतर-मंतर के पास CJP का पहला धरना 6 जून को तब शुरू हुआ था, जब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके अमेरिका से दिल्ली आए थे।
इसके बाद उन्होंने तमाम शहरों में धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद 20 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।
इसमें 28 जून को सोनम वांगचुक शामिल हुए थे। इसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों से लोग इसमें जुड़ते चले गए।