सिविल सर्विसेज डे: राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने की सिविल सेवकों की सराहना, बताया क्यों हैं ये देश की रीढ़
आज सिविल सर्विसेज डे के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सिविल सेवकों की सराहना की। यह दिन उन सिविल सेवकों को समर्पित है, जो देश की रीढ़ की हड्डी बनकर हर किसी की जिंदगी बेहतर बनाने का काम करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने जनसेवा के प्रति उनके समर्पण और एक न्यायपूर्ण समाज बनाने में उनके योगदान पर जोर दिया।
नरेंद्र मोदी ने समावेशी विकास पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल सेवकों को 'सुशासन और राष्ट्र निर्माण' का आधार बताया। उन्होंने नीतियां बनाने और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के उनके काम की सराहना भी की। उन्होंने यह भी कहा कि विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचना चाहिए, खासकर उन लोगों तक जो अक्सर पीछे छूट जाते हैं। यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल के 1947 के उस भाषण की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों को 'भारत की इस्पात संरचना' कहा था। यह उनके लिए प्रगति की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा है।