पैंगोंग झील के पास सैन्य निर्माण कर रहा चीन, भारत के लिए क्या है चिंता की बात?
क्या है खबर?
चीन विवादित पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के पैंगोंग त्सो में अपनी स्थायी सैन्य उपस्थिति को लगातार बढ़ा रहा है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि चीन पैंगोंग झील के आसपास बफर जोन के पास स्थायी संरचनाओं का निर्माण कर रहा है। ये संरचनाएं चीनी कब्जे वाले क्षेत्र में हैं, लेकिन पैंगोंग त्सो के बेहद करीब हैं। आइए इसका भारत पर असर समझते हैं।
निर्माण
क्या निर्माण कर रहा है चीन?
भू-रणनीतिक विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने पैंगोंग झील के आसपास की सैटेलाइट तस्वीर साझा की है। इसमें झील के आसपास एक नए परिसर और कई स्थायी संरचनाओं का निर्माण दिखाई दे रहा है। साइमन ने लिखा, 'चीन पैंगोंग त्सो में बफर जोन के पास नई इमारतों का निर्माण कर रहा है। हालांकि, यह गतिविधि चीनी कब्जे वाले क्षेत्र में हो रही है, लेकिन यह 2020 के सीमा विवाद के बाद बीजिंग की भौतिक उपस्थिति को मजबूत करती है।'
तस्वीरें
तस्वीरों में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
वहीं, इंडिया टुडे ने अंतरिक्ष खुफिया फर्म वैंटोर की 28 दिसंबर को जारी तस्वीरों के हवाले से बताया है कि यहां अस्थायी आवास और नए निर्माण दिखाई दे रहे हैं। वहीं, 2 जून, 2024 को ली गई तस्वीरों में झील के तट पर खड़ी नौकाएं अब ढकी हुई हैं और पानी से दूर खड़ी हैं। माना जा रहा है कि झील के जमने की आशंका के कारण ऐसा किया गया है।
संरचना
2020 से झील किनारे सैन्य निर्माण कर रहा चीन
तस्वीरों से ये पता नहीं चल रहा है कि चीन क्या बना रहा है, लेकिन पैंगोंग त्सो के निकट कई स्थायी संरचनाओं के साथ एक जटिल निर्माण कार्य चल रहा है। यह स्थल एक घाट और सैन्य आवास के पास स्थित है, जो बफर जोन के बाहर PLA की पहली चौकी के पास है। यह निर्माणाधीन ढांचा उन अस्थायी निर्माणों के अलावा है, जो चीन ने सैनिकों को ठहराने और झील के पार आने-जाने के लिए बनाए हैं।
विशेषज्ञ
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
इंडिया टुडे से बात करते हुए साइमन ने कहा, "विवादित पैंगोंग झील पर चीन का नवीनतम निर्माण कार्य उपस्थिति को नियंत्रण में बदलने के लिए स्थायी अवसंरचना के निर्माण की बीजिंग की स्थापित पद्धति के अनुरूप है। संभवतः सैन्य उद्देश्यों से जुड़ी यह परियोजना 2020 के निरस्त्रीकरण क्षेत्र के ठीक बाहर स्थित है और प्रतिकूल मौसम की स्थिति सहित पूरे वर्ष संचालन जारी रखने की चीन की क्षमता को बढ़ाती है।"
गतिविधियां
LAC पर लगातार सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा चीन
गलवान झड़प के बाद चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लगातार सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। पिछले साल अक्टूबर में सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला था कि पैंगोंग झील के पास ही चीन एक कमान और नियंत्रण भवन, बैरक, वाहन शेड, गोला-बारूद भंडारण और रडार पोजीशन वाला परिसर बना रहा है। जुलाई, 2024 में चीन ने पैंगोंग झील के ऊपर एक पुल का निर्माण किया था, जिससे सैनिकों की आवाजाही आसान हो गई है।
संबंध
हाल ही में सुधरने लगे हैं भारत-चीन संबंध?
ये जानकारी ऐसे वक्त सामने आई है, जब भारत-चीन के संबंधों में हाल ही में मामूली सुधार आया है। अक्टूबर, 2024 में दोनों देश सीमा विवाद खत्म करने पर सहमत हुए। चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर यात्रा की अनुमति दी। दोनों देशों ने वीजा जारी करना और सीधी उड़ानें फिर शुरू की हैं। 6 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन में शी जिनपिंग से मुलाकात की थी।