CJI ने सुप्रीम कोर्ट में जजों के कार्यों का किया बटवारा, बंदी प्रत्यक्षीकरण पीठ हुई दोगुनी
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में केस बांटने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। 26 अक्टूबर से जजों को अब नए-नए तरह के मामले सौंपे जाएंगे, जैसे व्यावसायिक विवाद और पर्यावरण कानून। यह बदलाव पुरानी व्यवस्था से काफी अलग है। इसका मकसद है कि जजों को अलग-अलग तरह के केस मिलें और काम कुछ ही जजों के पास अटका न रह जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने जजों का काम बांटा
जस्टिस एमएम सुंदरेश को अब कंपनी और पर्यावरण कानून से जुड़े मामले देखने होंगे, वहीं जस्टिस विक्रम नाथ मध्यस्थता करना और उपभोक्ता विवाद भी सुनेंगे। जस्टिस दीपांकर दत्ता और प्रशांत कुमार मिश्रा भी अब ज्यादा दिवानी और नियामक मामलों की सुनवाई करेंगे। इसके साथ ही बंदी प्रत्यक्षीकरण मामलों की सुनवाई के लिए पीठ की संख्या दोगुनी कर दी गई है। पहले जहां 4 पीठ इन मामलों को देखती थीं, अब 8 पीठें सुनवाई करेंगी, जिससे निजी स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में फैसले तेजी से आ सकेंगे।