मध्य प्रदेश: चीते की मौत की जांच के लिए उच्च-स्तरीय टीम भेजी गई
मध्य प्रदेश के मुरैना के क्षेत्रीय वन क्षेत्र की पहासगढ़ रेंज से KNG22 नाम के एक युवा चीते को घायल अवस्था में बचाया गया था। इलाज के लिए उसे कूनो नेशनल पार्क ले जाया गया। लेकिन, 27 अक्टूबर को छर्रों के गंभीर घावों की वजह से उसकी मौत हो गई। 2022 में भारत में चीतों को फिर से बसाने के बाद यह इस तरह का पहला मामला है।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, केंद्र सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सरकार यह पता लगाएगी कि चीते को कैसे बचाया जाए और ऐसे दुर्लभ जीवों को भविष्य में बेहतर सुरक्षा कैसे दी जा सकती है।
एजेंसियां, वन विभाग कर रहे कूनो सुरक्षा की समीक्षा
वन्यजीवों से जुड़ी बड़ी एजेंसियां और राज्य वन विभाग के अधिकारी कूनो नेशनल पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह समीक्षा करने के लिए एक साथ आ गए हैं।
'प्रोजेक्ट चीता' के तहत कूनो में अभी सिर्फ 52 चीते ही बचे हैं। यह घटना बताती है कि इन जानवरों को बचाए रखना कितना ज़रूरी है।