सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए मार्च में स्कूलों से शुरू होगा राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान- रिपोर्ट
क्या है खबर?
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार इसी महीने या मार्च तक राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के खिलाफ टीकाकरण अभियान 3 चरणों में चलाया जाएगा, जिसमें 9-14 वर्ष की आयु की लड़कियां शामिल होंगी। केंद्र ने 2 खुराक की जगह एक खुराक वाली टीकाकरण प्रणाली को अपनाने का फैसला किया है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के टीकाकरण संबंधी रणनीतिक सलाहकार समूह की सिफारिशों के अनुरूप है।
टीकाकरण
स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों से शुरू होगा टीका लगाने का अभियान
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, टीकाकरण अभियान स्कूलों और सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर शुरू होगा। अभी टीका 14 वर्षीय आयु की लड़कियों को एक बार दिया जाएगा। इसके बाद इसे 9 वर्षीय आयु की लड़कियों के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 14 साल की उम्र में वैक्सीन शुरू करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि अध्ययन बताता है कि इस उम्र में टीकाकरण से सबसे मजबूत और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।
पोर्टल
पोर्टल से भी करवा सकेंगी पंजीकरण
टीकाकरण अभियान के पहले 90 दिनों के दौरान, जन्म तिथि के अनुसार 14 वर्ष की आयु की लड़कियां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगवा सकेंगी। इसके बाद, 14 वर्ष की आयु की लड़कियां यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण करके अपने निकटतम स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र पर टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगी। टीकाकरण प्रक्रिया उठी उसी तरह होगी, जैसी कोरोना महामारी के दौरान CoWIN का उपयोग करके टीकाकरण के लिए अपनाई गई थी।
जानकारी
अभी लगेगी ये वैक्सीन
टीकाकरण अभियान के लिए पहले 2 सालों तक MSD के सिद्ध 'गार्डसिल' वैक्सीन का उपयोग होगा। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित स्वदेशी टीका 'सर्वावैक' को अभी WHO ने मंजूरी नहीं दी है। सर्वावैक के एकल खुराक वाले उपचार की प्रभावकारिता स्थापित नहीं हुई है।
अभियान
पहले 3 साल में लगेगी 3 करोड़ बच्चों को खुराक
देश में 9-14 साल के लगभग 8 करोड़ बच्चों को यह टीका लगाया जाना है। अगर 3 सालों में इसे बांटे तो पहले साल करीब 2.6 करोड़ बच्चों का टीकाकरण होगा। इसके अलावा, जहां अभियान चल चुका है, वहां 9 साल के होने वाले 50 लाख से 1 करोड़ अन्य बच्चों को दूसरे और तीसरे साल के दौरान टीका लगाया जाएगा। हर साल 14 साल की उम्र पूरी करने वाली 1.15 करोड़ लड़कियां HPV वैक्सीन लगवाने के लिए पात्र होंगी।
अध्ययन
नए अध्ययन में पता चला- टीके की एक खुराक भी असरदार
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी जो टीके उपलब्ध हैं, वो 2 खुराक वाली व्यवस्था में उपयोग के लिए है। हाल के अध्ययन में पता चला कि HPV और सर्वाइकल कैंसर को रोकने में एक खुराक भी समान रूप से प्रभावी है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि दूसरी खुराक को पहली खुराक के 3-5 साल बाद लेना चाहिए। हालांकि, ब्रिटेन-कनाडा ने लंबे अंतराल वाले HPV टीकाकरण को लागू किया, तब पता चला कि दोनों समूहों में टीका लगभग समान कारगर है।
कैंसर
महिलाओं का दूसरा सबसे आम कैंसर है सर्वाइकल
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद दूसरा सबसे आम कैंसर है। अगर महिलाओं में HPV संक्रमण लगातार बना हुआ है तो लगभग 85 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना है। देश में हर साल लगभग 12 लाख महिलाओं को यह बीमारी प्रभावित करती है और करीब 75,000 महिलाओं की जान लेती है। दुनिया में मिलने वाले कुल मामलों में 5 प्रतिशत भारत में मिलते हैं। देश में हर साल इसके 1.25 लाख नए मामले आते हैं।
कैंसर
सर्वाइकल कैंसर क्या है?
सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से से जुड़ा होता है। यह बीमारी 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में होती है। अगर किशोर अवस्था में ही HPV वैक्सीन लगवा ली जाए तो इसके होने की संभावना कम हो सकती है। वैक्सीन कैंसर पैदा करने वाले 4 सबसे आम HPV स्ट्रेन का उपयोग करके संक्रमणों और इसे रोकने में कारगर साबित हुआ है। इससे बचने के लिए वैक्सीन जरूरी है। अगर नहीं लगी तो HPV जांच करा सकते हैं।