गर्मी से पहले भारत के जलाशयों का सच: कहीं राहत, कहीं जल संकट!
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, देश के बड़े जलाशयों की मौजूदा भराव क्षमता 42.75% तक पहुंच गई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें अच्छी बढ़ोतरी हुई है, हालांकि यह अभी भी पिछले दस सालों के औसत से ऊपर ही है। मौसम विभाग का कहना है कि इसकी मुख्य वजह कमजोर मानसून और कई इलाकों में सर्दियों में कम बारिश होना है।
कर्नाटक और तेलंगाना के जलाशय 30% से नीचे
देश के अलग-अलग हिस्सों में जलाशयों की स्थिति काफी अलग-अलग है। पश्चिमी क्षेत्र में जलाशयों की भराव क्षमता लगभग 51.3% है, जिनमें गुजरात के जलाशय 56% और महाराष्ट्र के 47% भरे हैं। वहीं, दक्षिण भारत में हालात थोड़े चिंताजनक दिख रहे हैं, जहां कर्नाटक और तेलंगाना में पानी का स्तर 30% से भी नीचे चला गया है। मध्य भारत में यह आंकड़ा करीब 50% है, जबकि पंजाब के जलाशय 68% भराव क्षमता के साथ अच्छी स्थिति में हैं। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राज्यों में पानी का भंडार कम है। लगातार बढ़ती गर्मी की वजह से इन इलाकों के लिए हालात और मुश्किल हो सकते हैं।