केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर किल्लत को खारिज किया, कहा- LPG उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की किल्लत सामने आ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया है। इंडिया टुडे ने सरकार के हवाले से मंगलवार को बताया कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है और कमर्शियल सिलेंडरों की संभावित कमी को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद आपूर्ति स्थिर हो गई है। इससे पहले संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश और पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात की थी।
किल्लत
तेल रिफाइनरी में LPG उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करने के बाद तेल रिफाइनरियों ने LPG उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। साथ ही, जमाखोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक उपाय किए गए हैं। सरकार के सूत्रों ने बताया कि कुछ समय के लिए चिंता का विषय था, लेकिन अब स्थिति सुलझ गई है। आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं।
बातचीत
संगठनों के पत्र को खारिज किया
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय अधिकारियों ने कुछ व्यापारिक संगठनों की किल्लत को लेकर लिखी गई चिट्ठी को खारिज कर दिया और उन्हें "तथाकथित संगठनों" का पत्र बताया। सरकार ने कहा कि वह चिंताओं की जांच कर रही है, लेकिन कोई संकट नहीं है। देश में पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति है और मांग को प्रबंधित करने के लिए व्यवस्थाएं मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि भारत में स्थिति अन्य देशों से बेहतर है और सरकार कई देशों के संपर्क में है।
चिंता
देश में बढ़ी चिंता, ESMA लागू
मुंबई और बेंगलुरु समेत कई शहरों में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत की बात सामने आई है। होटल और रेस्तरां एसोसिएशन ने काम-काज बंद करने की बात कही है। इस बीच, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिक सेक्टर में बनाए रखना सुनिश्चित किया जा सके। सरकार ने गैस बुकिंग की अवधि बढ़ाई है और दाम भी बढ़ा दिए हैं।
कारण
ईरान युद्ध से बढ़ा है संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था, लेकिन मौजूदा संकट खाड़ी देशों पर ईरान के जवाबी हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने से खड़ा हुआ है। यह समुद्री मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी कुल LPG आवश्यकताओं का 62 प्रतिशत आयात करता है। सऊदी अरब जैसे देशों से आयातित वस्तुओं का 85-90 प्रतिशत हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत में प्रतिवर्ष 3.31 करोड़ टन LPG खपत होती है।