रेस्टोरेंट-ऐप्स की जबरन फीस पर CCPA की सख्ती, अब नहीं चलेगी मनमानी
आजकल पूरे देश में लोग एक बात से बहुत परेशान हैं। रेस्टोरेंट और ऐप-आधारित टैक्सी सेवाएं, बिना बताए ही बिल में सर्विस फीस या जबरन टिप जैसे अतिरिक्त शुल्क जोड़ रही हैं। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने इसे ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है। पिछले महीने ही अथॉरिटी ने 41 रेस्टोरेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जो बिना अनुमति के बिल में सर्विस फीस जोड़ रहे थे।
महाराष्ट्र को जबरदस्ती टिपिंग की जांच के निर्देश
CCPA के 2022 के नियमों के अनुसार, रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज देना पूरी तरह से ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करता है। कोई भी आपको इसके लिए मजबूर नहीं कर सकता और अगर आप मना करते हैं, तो भी वे आपको सेवा देने से इनकार नहीं कर सकते। भले ही 2025 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन नियमों का समर्थन किया, फिर भी लोगों की शिकायतें आती रहीं।
अब महाराष्ट्र के परिवहन विभाग को ऐप-आधारित टैक्सी और राइड-हेलिंग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। दरअसल, शिकायतें मिल रही थीं कि यात्रियों को जबरन टिप या अतिरिक्त पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसे एक गलत प्रथा बताया है और परिवहन अधिकारियों को ऐसी कंपनियों की जांच करने का निर्देश दिया है जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
अतिरिक्त भुगतान होना चाहिए आपकी मर्जी
ये सभी कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि आप रेस्टोरेंट में खाना खा रहे हों या टैक्सी में यात्रा कर रहे हों, कोई भी अतिरिक्त भुगतान आपकी मर्जी से हो। उसे चुपचाप आपके बिल में जोड़ा न जाए।