CBSE की परीक्षा की डिजिटल मार्किंग में 20 गड़बड़ियां उजागर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की परीक्षा के लिए ऑनमार्कर नाम से एक डिजिटल मार्किंग सिस्टम शुरू किया था। इसे हैदराबाद की कोएम्प्ट एडुटेक कंपनी ने बनाया था, लेकिन अब यह सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया है, क्योंकि करीब 98 लाख उत्तर-पुस्तिकाओं में से लगभग 20 में गड़बड़ी मिली है।
इनमें से कुछ उत्तर-पुस्तिकाएं या तो गलत स्कैन हुई थीं या फिर उनका डेटा मैच नहीं हो पाया। ऑनमार्कर प्लेटफॉर्म पर इन गलतियों के सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि इस सिस्टम का मकसद तो मूल्यांकन प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना था।
कंपनी पर लगाया भारी जुर्माना
CBSE ने इन गड़बड़ियों को माना है और कोएम्प्ट एडुटेक कंपनी पर जुर्माना भी लगाया है। बोर्ड ने तय किया है कि अगर, कोई उत्तर-पुस्तिका गलत स्कैन हुई या उसका डाटा मैच नहीं हुआ तो कंपनी को हर ऐसी कॉपी के लिए 4,000 रुपये चुकाने होंगे, वहीं अगर, कोई उत्तर-पुस्तिका आधी-अधूरी स्कैन हुई तो 8,000 रुपये और पूरी तरह से स्कैन ही नहीं हुई तो 15,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
CBSE ने बताया है कि वे इस सिस्टम को पूरी तरह से गलती-रहित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, पारदर्शिता बढ़ाने के मकसद से अगले साल से छात्रों को डिजीलॉकर के माध्यम से उनकी स्कैन की हुई उत्तर-पुस्तिकाएं भी देखने को मिलेंगी।
बोर्ड ने कम कीमत पर कोएम्प्ट को चुना
कोएम्प्ट एडुटेक कंपनी को यह ठेका इसलिए मिला, क्योंकि उसने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसी बड़ी कंपनी के मुकाबले प्रति शीट काफी कम बोली लगाई थी।
हालांकि, दोनों कंपनियों के पास अच्छे सर्टिफिकेशन थे, फिर भी यह फैसला थोड़ा चौंकाने वाला था। ऐसा इसलिए था क्योंकि, 2019 में कोएम्प्ट का नाम तेलंगाना में परीक्षा के नतीजों से जुड़े एक विवाद में सामने आ चुका था। हालांकि, 2 बार बोली प्रक्रिया (बिडिंग) असफल रहने के बाद बोर्ड ने आखिर में इसी कंपनी को चुना और अपने फैसले पर अडिग रहा।