CBSE की OSM प्रणाली में खामियां उजागर करने वाले सार्थक संसदीय समिति के सामने हुए पेश
क्या है खबर?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में खामियों को उजागर करने वाले 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार को संसदीय समिति के सामने पेश हुए। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सार्थक शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष अपनी प्रस्तुति दे सकते हैं। संसदीय समिति कक्षा 12 की CBSE परीक्षाओं में OSM के उपयोग की समीक्षा करेगी, साथ ही छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों और चिंताओं पर भी विचार करेगी।
विवाद
कौन हैं सार्थक ?
झारखंड के छात्र सार्थक 2025-26 के उन 17 लाख छात्रों में हैं, जिनकी उत्तर-पुस्तिका का मूल्यांकन CBSE की OSM प्रणाली के तहत हुआ है। उसने केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर निविदा दस्तावेजों की समीक्षा कर अपनी वेबसाइट sarthaksidhant.com/coempt पर निष्कर्ष प्रकाशित किया। सार्थक ने खुलासा किया कि छात्रों के मूल्यांकन का ठेका जिस कंपनी को मिला, उसका नाम कोएम्प्ट एडुटेक (Coempt Eduteck) है, जो पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज (Globarena Technologies) थी। कंपनी 2019 में तेलंगाना इंटरमीडिएट परीक्षा घोटाले में शामिल थी।
विवाद
CBSE प्रमुख और शिक्षा सचिव तलब
CBSE के कई छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं धुंधली स्कैन की गई। यहां तक स्कैन मोबाइल से हुए है। आरोप है कि कोएम्प्ट एडुटेक को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में भी छेड़छाड़ हुई है। मामले को लेकर, संसदीय समिति ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In), विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार और CBSE प्रमुख राहुल सिंह को पेश होने को कहा है। समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह कर रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
समिति के सामने पेश होने संसद पहुंचे सार्थक
सार्थक सिद्धांत संसद में एजुकेशन कमिटो के सामने पेश हुए।
— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) June 2, 2026
सार्थक जैसे लड़के इस देश की उम्मीद है।
यह पूरे देश का कर्तव्य है कि सार्थक जैसे विस्सल ब्लोअर को मीडिया/सिस्टम बुली कर शांत न करे। इसके साथ खड़ा होना है! pic.twitter.com/joLuT5R0WJ