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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज पहुंचेंगे मुंबई, जानिए पूरा कार्यक्रम और यात्रा का एजेंडा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज मुंबई पहुंचेंगे

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज पहुंचेंगे मुंबई, जानिए पूरा कार्यक्रम और यात्रा का एजेंडा

लेखन गजेंद्र
Feb 27, 2026
10:31 am

क्या है खबर?

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को पहली बार भारत दौरे पर आ रहे हैं। वे सीधे मुंबई पहुंचेंगे और 1 फरवरी को दिल्ली आएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के समय भारत-कनाडा के रिश्तों में जो खटास आई थी, उसे कार्नी अपनी यात्रा से कम करने की कोशिश करेंगे। वे 27 फरवरी से 7 मार्च तक 3 देशों की इंडो-पैसिफिक यात्रा पर निकले हैं और सबसे पहले भारत आ रहे हैं। उनकी यात्रा का क्या एजेंडा है? आइए, जानते हैं।

यात्रा

मुंबई में कंपनियों के CEO से करेंगे मुलाकात कार्नी

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि कार्नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे 27 फरवरी को सीधे मुंबई पहुंचेंगे और अगले 2 दिनों में अलग-अलग व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे भारतीय और कनाडाई कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), उद्योग और वित्तीय विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, शिक्षकों के साथ-साथ भारत में स्थित कनाडाई पेंशन फंडों के साथ बातचीत करेंगे।

यात्रा

दिल्ली में होगी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता

मंत्रालय ने बताया कि कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे और 2 मार्च को, दोनों प्रधानमंत्री हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इस दौरान भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा होगी, जो कनानास्किस (जून 2025) और जोहान्सबर्ग (नवंबर 2025) में उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी। दोनों व्यापार-निवेश, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, अनुसंधान-नवाचार और जन-संबंध सहित प्रमुख स्तंभों में चल रहे सहयोग का जायजा लेंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा CEO फोरम में भी भाग लेंगे।

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दौरा

कितना महत्वपूर्ण है ये दौरा?

कार्नी का यह दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के रास्ते में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने पहले रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है, जो एक-दूसरे की चिंताओं-संवेदनशीलता पर आधारित होगी। ट्रूडो के समय भारत-कनाडा के कूटनीतिक रिश्ते अपने निचले स्तर पर पहुंच गए थे और राजदूतों को वापस बुलाया गया था। एक दिन पहले ही कनाडा ने कहा था कि भारत का हिंसक अपराधों से कोई संबंध नहीं

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