CAG का बड़ा खुलासा: लाड़ली बहिन योजना में अतिरिक्त खर्च हुए 3,500 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र की लाड़ली बहिन योजना, जिसे जून 2024 में आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं की मदद के लिए शुरू किया गया था, अब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, अपने तय बजट से 3,500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च कर चुकी है। CAG ऑडिट में सामने आया है कि इस योजना के लिए 29,693 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, पर वास्तव में 33,237 करोड़ रुपये खर्च हो गए।
महिलाओं पर होने वाले खर्च में बड़ा उछाल
इस योजना के कारण महाराष्ट्र में महिलाओं पर होने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। यह खर्च पिछले साल के 262 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 33,554 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जेंडर बजट में भी इसी तरह की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सबको इसका फायदा मिला। योजना के लाभार्थियों की संख्या में करीब 38 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण यह है कि 92 लाख से ज्यादा महिलाओं को योजना से हटा दिया गया। ये महिलाओं या तो पात्रता पूरी नहीं कर रही थीं, या फिर उनका e-KYC नहीं हुआ था। इसके बावजूद, राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और नए उद्यमों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लिए लगातार फंडिंग करती रहेगी।