CAG रिपोर्ट ने खोली पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था की पोल, बिना शिक्षकों के चल रहे 520 स्कूल
पश्चिम बंगाल की 'समग्र शिक्षा' योजना पर आई एक नई CAG रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2019-20 से 2023-24 के दौरान बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर बहुत ज्यादा रही। प्राथमिक के ऊपरी स्तर से उच्च माध्यमिक तक पहुंचते-पहुंचते 28 से 42 प्रतिशत छात्र स्कूल छोड़ गए, जिसे 'ट्रांजिशन लॉस' कहा गया है। इसके पीछे की मुख्य वजहें पैसों की तंगी, परिवारों का काम की तलाश में पलायन, कम उम्र में शादी और बच्चों का स्कूल में मन न लगना बताई गई हैं।
रिपोर्ट में 520 स्कूल बिना शिक्षकों के मिले
CAG रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हजारों स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक था और 520 स्कूल तो ऐसे थे जहां एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था। नतीजतन, 1.85 लाख से ज्यादा छात्र अच्छी शिक्षा से वंचित रह गए। कई स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों का सही अनुपात भी नहीं रखा गया था। शिक्षा के लिए आवंटित की गई बड़ी रकम का एक हिस्सा इस्तेमाल ही नहीं हुआ या उसे वापस लौटा दिया गया, क्योंकि कई प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो पाए। CAG ने सुझाव दिया है कि योजना में लक्षित सुधार किए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र स्कूल से जुड़े रहें और इस योजना का उन्हें पूरा लाभ मिल सके।