
हिमाचल प्रदेश: परवाणू में तकनीकी खराबी के कारण हवा में लटकी केबल कार, 8 यात्री फंसे
क्या है खबर?
हिमाचल प्रदेश के परवाणू में बनी टिंबर ट्रेल केबल कार सोमवार को तकनीकी खराबी आने के कारण बीच हवा में बंद हो गई और इसमें बैठे आठ लोग हवा में ही फंस गए।
पुलिस अधीक्षक (SP) वीरेंद्र शर्मा के मुताबिक, यात्रियों को बचाने के लिए केबल कार की एक अन्य ट्रॉली भेजी गई है।
उन्होंने आगे कहा कि बचाव दल को घटनास्थल पर तैनात किया गया है और पुलिस टीम स्थिति की निगरानी कर रही है।
घटना
पहाड़ पर बने रिजॉर्ट में जा रहे थे यात्री
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सलोन जिले के परवाणू में स्थित केबल कार सोमवार को दिन के 1:30 बजे तकनीकी खराबी आने के कारण बीच हवा मेंं फंस गई।
केबल में करीब आठ लोग सवार थे और वो लोग पहाड़ पर बने रिजॉर्ट जा रहे थे।
केबल कार की तकनीकी टीम केबल को जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश में जुटी है और यात्रियों को बचाने के लिए बचाव कार्य भी किया जा रहा है।
ट्विटर पोस्ट
देखे वीडियो
हिमाचल के टिंबर ट्रेल परवानू में बीच रास्ते अटकी केबल कार। केबल कार 🚠 में 7 सैलानी फँसे हैं। उन्होंने ख़ुद अपना वीडियो बना कर मदद माँगी है। बचाव अभियान जारी है। pic.twitter.com/LfiH9SRs4Y
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) June 20, 2022
डाटा
चार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
ताजा जानकारी के अनुसार, दोपहर 3:00 बजे तक करीब चार लोगों को दूसरी ट्रॉली की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अन्य चार यात्रियों को भी इसी तरह निकालने का प्रयास जारी है।
दुर्घटना
यहां पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
सोलान जिले के परवाणू में स्थित इस केबल कार की स्थापना 1988 में की गई थी।
यहां 1992 में भी केबल कार के हवा में लटकने का हादसा हो चुका है।
उस वक्त केबल कार में एक केबल कर्मी के साथ 10 यात्री सवार थे।
केबल कर्मी ने केबल कार से छलांग लगा दी थी जिसके कारण उसकी मौत हो गई, वहीं बाकी यात्रियों को सेना ने रेस्क्यू कर बचा लिया था।
झारखंड
हाल ही में झारखंड में भी हुआ था ऐसा हादसा
कुछ ही महीने पहले झारखंड के देवघर में त्रिकूट पहाड़ पर केबल ट्रॉलियों के टकराने से करीब 49 लोग बीच हवा में लटक गए थे।
करीब 40 घंटे चले बचाव अभियान में वायुसेना, NDRF, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और भारतीय सेना के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रॉली में फंसे 49 लोगों में से 46 को सुरक्षित बचा लिया था।
हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी।