भारत में MBBS की सीटों में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कौन उठाएगा महंगी पढ़ाई का बोझ?
भारत ने MBBS सीटों के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। 2026-27 के सत्र के लिए कुल 1.36 लाख से अधिक सीटें तय की गई हैं। यह संख्या 2014-15 में उपलब्ध 51,348 सीटों से काफी ज्यादा है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने बताया है कि निजी और सरकारी दोनों कॉलेजों ने सीटें बढ़ाने में योगदान दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यह देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निजी MBBS विस्तार के बाद फीस को लेकर चिंता
इस साल निजी कॉलेजों ने सबसे ज्यादा नई सीटें जोड़ी हैं। कुल 9,911 नई सीटों में से 7,800 सीटें निजी कॉलेजों ने बढ़ाई हैं। इस तरह निजी कॉलेज अब कुल MBBS सीटों के मामले में सरकारी कॉलेजों से आगे निकल गए हैं। हालांकि, इसमें एक बड़ी दिक्कत यह है कि निजी कॉलेजों की फीस काफी ज्यादा होती है। इससे कई छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो सकता है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि एस वानखेडेकर ने कहा, "ज्यादा सीटें डॉक्टरों की कमी तो कम करेंगी, लेकिन मेडिकल शिक्षा का खर्च अब एक बड़ी चिंता बन गया है।"