अदालत में आपा खोना पड़ा भारी, बॉम्बे हाई कोर्ट ने वरिष्ठ सचिव दिलीप घुमरे को भेजा अवमानना नोटिस
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कानून और न्यायपालिका विभाग के सचिव और वरिष्ठ कानूनी सलाहकार दिलीप घुमरे को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन्हें तब मिला जब 2013 में दाखिल फास्ट-ट्रैक कोर्ट के पदों पर नियुक्तियों से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान वे अपना आपा खो बैठे थे।
न्यायाधीशों ने कहा कि खुली अदालत में उनका "आक्रामक और तीखा" व्यवहार अदालत के अधिकार को चुनौती देने जैसा था, जो नियमों के खिलाफ है।
दिलीप घुमरे का 179 फास्ट-ट्रैक पदों पर दावा
2013 की एक जनहित याचिका से जुड़ी अंतरिम अर्जी पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान घुमरे ने कागजात पेश किए, जिनमें बताया गया था कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए 179 नए पद बनाए गए हैं। लेकिन जब कोर्ट ने पूछा कि ये पद क्यों नहीं भरे गए, तो घुमरे अपनी सफाई देने लगे और सारा ठीकरा हाई कोर्ट प्रशासन पर ही फोड़ दिया।
न्यायाधीशों ने उनके व्यवहार को "अनुचित" और "संयमहीन" कहा और उनकी माफी को भी नहीं माना।
अब उन्हें एक अवमानना नोटिस का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।