बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई में ये बड़ा पुल बनाने को मिली हरी झंडी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को मलाड क्रीक पर एक पुल बनाने की हरी झंडी दे दी है। यह पुल वर्सोवा और माध द्वीप को जोड़ेगा, जिसके लिए 1,237 मैंग्रोव (विशेष प्रकार के छोटे पेड़ या झाड़ियां जो समुद्र के तटीय, खारे और ज्वारीय दलदली इलाकों में उगते हैं) पेड़ों को काटा जाएगा।
इस नए पुल से यात्रा की दूरी 22 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 1.5 किलोमीटर रह जाएगी। इसका मतलब है कि जिस सफर में पहले एक घंटे से ज्यादा लगते थे, वह अब सिर्फ 10 मिनट में पूरा हो सकेगा।
कोर्ट ने इस प्रोजेक्ट को सार्वजनिक फायदे के लिए बहुत जरूरी बताया। अदालत ने पर्यावरण के नियमों और इससे रोज यात्रा करने वाले यात्रियों को कितनी राहत मिलेगी, इन दोनों बातों पर गहराई से विचार किया।
BMC लगाएगा 39,000 मैंग्रोव
पुल निर्माण के चलते और स्थानीय मछुआरों को समायोजित करने के लिए भी लगभग 2.5 हेक्टेयर मैंग्रोव प्रभावित होंगे। इसमें से 0.5 हेक्टेयर मैंग्रोव हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे। लेकिन BMC का कहना है कि वह निर्माण के बाद 2 हेक्टेयर में मैंग्रोव फिर से लगाएगा और 9 हेक्टेयर में 39,000 नए मैंग्रोव लगाएगा।
इस पूरे काम पर 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कोर्ट ने यह प्रोजेक्ट किसी निजी फायदे के लिए नहीं है। इसका मुख्य मकसद ट्रैफिक जाम कम करना और मुंबई के लोगों के लिए रोज की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाना है। इससे एसवी रोड और लिंक रोड जैसे व्यस्त रास्तों पर से दबाव कम होगा।