बिहार में 50,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 4 परियोजनाओं से बदलेगी सड़कों की सूरत
बिहार अब अपनी सड़कों को नया रूप देने की तैयारी में है। उसके पास लगभग 50,000 करोड़ रुपये के 4 बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स की योजना है। इन प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है और अब कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) से जल्द मंजूरी चाहती है। अगर ये परियोजनाएं मंजूर होती हैं, तो बिहार में सफर काफी आसान हो जाएगा और सड़कों पर लगने वाले जाम से भी काफी राहत मिलेगी।
बिहार की परियोजनाओं में वाराणसी-रांची-कोलकाता और पटना-पूर्णिया भी शामिल
इन परियोजनाओं में 7,331.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे शामिल है, जो बिहार को पड़ोसी राज्यों से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इसके अलावा, गंडक नदी पर 1,976.77 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बनेगा, जो बेतिया को उत्तर प्रदेश से सीधा जोड़ेगा। पटना शहर में भीड़ कम करने के लिए 8,455.86 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन की एलिवेटेड सड़कें भी बनाई जा सकती हैं। इन सभी में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 31,987.11 करोड़ रुपये का पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे है, जिसका मकसद कोसी और सीमांचल इलाकों में व्यापार को बढ़ावा देना और सामान की तेज ढुलाई करना है।