बाढ़ ने तोड़ी बिहार की कमर, केंद्र से मांगी 10,000 करोड़ रुपये की मदद
बिहार ने बाढ़ से हुए बड़े नुकसान से उबरने के लिए केंद्र सरकार से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि मांगने की तैयारी कर ली है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब राज्य में हुए सर्वेक्षणों से पता चला है कि खेती-किसानी, सड़कें और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बिहार बाढ़: 50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
सितंबर से अब तक, 15 जिलों के 2,000 से ज्यादा गांवों में 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 1.7 लाख हेक्टेयर खेती की जमीन पर 270 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हो गईं।
ग्रामीण सड़कों की मरम्मत पर ही 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का खर्च आ सकता है। 3 लाख से ज्यादा छात्रों की पढ़ाई भी रुक गई है क्योंकि कई स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
राहत कार्यों के दौरान सामुदायिक रसोई में 1.2 करोड़ से भोजन के पैकेट बांटे गए हैं और प्रभावित परिवारों को फिर से खड़ा करने के लिए तत्काल अनुग्रह राशि के तौर पर 579.23 करोड़ रुपये दिए गए हैं।