गांधी जयंती पर बिहार में 44 कैदी रिहा, पीड़ितों को 3.86 करोड़ रुपये की मदद भी
इस गांधी जयंती पर, बिहार सरकार ने मानवीय आधार पर 44 कैदियों को रिहा करने का फैसला किया है। इन कैदियों में ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो या तो बुज़ुर्ग हैं या अपनी सजा का एक लंबा हिस्सा जेल में बिता चुके हैं।
रोहतास जेल में बंद 93 साल के एक बुज़ुर्ग कैदी भी इन रिहा होने वालों में शामिल हैं। यह कदम दिखाता है कि राज्य सरकार बुजुर्ग कैदियों के प्रति मानवीय और संवेदनशील रवैया अपना रही है।
पीड़ितों को मिलेगी 3.86 करोड़ रुपये की मदद
रिहा किए गए कैदियों में 90 साल से ज्यादा उम्र के 2, 80 साल से ज्यादा उम्र के 8 और 70 साल से ज्यादा उम्र के कई बुजुर्ग कैदी शामिल हैं।
सत्यनारायण सिंह और पंकज गुप्ता जैसे कुछ कैदी तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
साथ ही एक ऐसी महिला भी शामिल है, जो लगभग 20 सालों से पूर्णिया जेल में अपनी सजा काट रही थी। कैदियों की इस रिहाई के साथ ही, बिहार सरकार अपराध से प्रभावित परिवारों को 3.86 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद भी देगी।
यह पहल सामाजिक कल्याण और उनके पुनर्वास के प्रति सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है।