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पटना में मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे छात्रों ने बैरिकेड तोड़े, लाठीचार्ज और पानी से रोका
पटना में मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे छात्रों को लाठीचार्ज और पानी से रोका गया

पटना में मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे छात्रों ने बैरिकेड तोड़े, लाठीचार्ज और पानी से रोका

लेखन गजेंद्र
Aug 25, 2026
02:19 pm

क्या है खबर?

बिहार की राजधानी पटना में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के उम्मीदवारों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया, इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए बैरीकेड लगाए थे, जिसे तोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार करके उनको रोकने का प्रयास किया और छात्रों पर लाठीचार्ज करके उनको तितर-बितर करने की कोशिश की गई।

आंदोलन

सुबह 10 बजे शुरू किया था मार्च

छात्रों ने सुबह करीब 10 बजे गांधी मैदान से मार्च शुरू किया और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ते हुए नारे लगाए।

पुलिस ने उनको रोकने के लिए बैरीकेड लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसे तोड़ दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प शुरू हो गई।

पुलिस ने कई जगह लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की। हालांकि, छात्र आगे बढ़ गए।

इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

 मांग

क्या है छात्रों की मांग?

प्रदर्शनकारी 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और कथित पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और रोजगार संबंधी मुद्दों को लेकर चिंता जता रहे हैं।

इससे पहले छात्र, पटना के गर्दनीबाग इलाके में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन में किसानों का समूह भी शामिल हो गया है।

बता दें कि बिहार सरकार ने एक दिन पहले छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की थी।

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समाधान

मुख्यमंत्री ने शुरू किया छात्र सहयोग शिविर

विरोध-प्रदर्शनों के बीच, बिहार सरकार ने मंगलवार को छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक मासिक 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' शुरू करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ये शिविर हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को संबंधित अधिकारियों के सामने सीधे अपनी चिंताएं रखने का अवसर मिलेगा।

उनका कहना है कि छात्र समर्पित पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से उनकी स्थिति पर नजर रख सकेंगे।

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ट्विटर पोस्ट

बिहार में छात्रों पर पानी की बौछार

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