महाराष्ट्र: होम्योपैथी डॉक्टर लिख सकेंगे एलोपैथी की दवाएं, IMA बोला- सेवाएं ठप होंगी
महाराष्ट्र भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने योग्य होम्योपैथी डॉक्टरों को एलोपैथिक (आधुनिक) दवाएं लिखने की इजाजत दी है। सरकार ने सोमवार को इस संबंध में एक संकल्प जारी किया और मंगलवार रात से ही इसके लिए पंजीकरण शुरू हो गया।
यह नियम उन प्रैक्टिशनरों पर लागू होगा, जिन्होंने कुल साढ़े 6 साल की ट्रेनिंग ली है। इस ट्रेनिंग में साढ़े 4 साल की BHMS की पढ़ाई, एक साल की इंटर्नशिप और एक साल का CCMP कोर्स शामिल है।
हालांकि, इस कदम का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और रेजिडेंट डॉक्टरों जैसे बड़े मेडिकल समूह इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के डॉक्टर गैर-आपातकालीन सेवाएं रोकेंगे
महाराष्ट्र के सभी डॉक्टर बुधवार आधी रात से अपनी गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद करने की तैयारी में हैं। उनकी मांग है कि जब तक हाई कोर्ट का कोई फैसला नहीं आ जाता और स्पष्ट नियम नहीं बन जाते, तब तक पंजीकरण प्रक्रिया को रोक दिया जाए।
IMA के राज्य अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरती है, तो आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। दूसरी ओर, महाराष्ट्र होम्योपैथी काउंसिल का कहना है कि पंजीकरण की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो चुकी है। पुणे के होम्योपैथिक फेडरेशन के समंवयक डॉ. चंदन लाखनदे ने इस फैसले को अपने समुदाय के लिए एक बड़ी जीत करार दिया है।