भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक CNR राव को SIR का नोटिस, नाम में सामने आई गलती
क्या है खबर?
देश के जाने-माने वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर CNR राव को अपनी पहचान साबित करने के लिए एक सुनवाई में पेश होने को कहा गया है। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर पाए जाने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले रिकॉर्ड में उनका नाम प्रोफेसर सीएनआर राव (Prof. CNR Rao) दर्ज है।
मामला
क्यों जारी किया गया नोटिस?
नए रिकॉर्ड में प्रोफेसर राव के अंग्रेजी नाम में एक अतिरिक्त 'f' जुड़ गया है। इसके चलते उनका नाम 'Proff. CNR Rao' हो गया है।
इसी के बाद प्रोफेसर राव को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के पास मल्लेश्वरम में होने वाली सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
उनके परिचितों ने बताया कि प्रोफेसर राव को नोटिस की जानकारी नहीं थी, क्योंकि वे मोबाइल का इस्तेमाल कम करते हैं और ईमेल भी चेक नहीं करते।
परिचय
कौन हैं प्रोफेसर CNR राव?
बेंगलुरु में जन्में 92 साल के प्रोफेसर राव को सॉलिड-स्टेट और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री में अपने काम के लिए जाना जाता है। उन्हें दुनिया के 88 विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली है और 58 किताबें लिखी हैं।
उन्हें 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे यह सम्मान पाने वाले तीसरे वैज्ञानिक हैं।
उन्हें पद्मश्री और पद्म विभूषण सम्मान भी मिल चुका है।