BRICS से पहले भारत की 'रणनीतिक बिसात': चीन से अमेरिका तक, हर मोर्चे पर नए समीकरण
सितंबर में नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन होने वाला है। ऐसे में भारत के बड़े नेता अहम देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने में जुटे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर बात करने बीजिंग पहुंचे। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्यापार में आ रही अड़चनों को दूर करने और ऊर्जा सुरक्षा को उजागर करने के लिए मॉस्को का दौरा किया।
गोयल और सीतारमण ने निवेश के लिए रखी भारत की बात
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जापान के दौरे पर थे। वहां उन्होंने भारत को सेमीकंडक्टर से लेकर तमाम कंपोनेंट तक सब कुछ बनाने का एक बड़ा केंद्र बताया।
इसी दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा और अमेरिका का दौरा शुरू किया। उन्होंने निवेशकों को भारत के फिनटेक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते दायरे को देखने और इसमें निवेश करने का न्योता दिया।
भारत के ये सारे कदम दिखाते हैं कि BRICS शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेताओं का स्वागत करने की तैयारी के बीच, वह अपने आर्थिक लक्ष्यों को कूटनीति के साथ जोड़ रहा है।