'छद्म विज्ञान' दावे पर आयुष मंत्रालय ने घेरा 'द लिवर डॉक' को, डॉक्टर बोले- चुप नहीं करा सकते
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर 'द लिवर डॉक' नाम से पहचाने जाने वाले डॉक्टर साइरियाक एब्बी फिलिप्स के खिलाफ एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब डॉ. फिलिप्स ने आयुर्वेद को 'छद्म विज्ञान' बताया था। मंत्रालय का कहना है कि उन्हें इस बारे में कई शिकायतें मिली थीं। इसके पहले NMC, NCISM और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी इस संबंध में लिखा गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब मंत्रालय ने डॉ. फिलिप्स के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. फिलिप्स का आरोप: मंत्रालय चुप कराने की कोशिश कर रहा
डॉ. फिलिप्स ने सोशल मीडिया पर इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय उन्हें अपनी बात कहने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अकाउंट्स बंद करवाने के मकसद से एक बैठक भी आयोजित की गई थी। डॉ. फिलिप्स ने भारतीय संविधान का हवाला दिया, जिसमें वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात कही गई है। उनका कहना था कि वे तो सिर्फ सवाल पूछने और जांच को प्रोत्साहित कर रहे हैं, और अपने इस विचार पर कायम हैं कि आयुर्वेद विज्ञान पर आधारित नहीं है।
डॉ. फिलिप्स को वापस मिला इंस्टाग्राम एक्सेस
डॉ. फिलिप्स ने जानकारी दी कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट कुछ समय के लिए बंद हो गया था। हालांकि, उन्होंने एक घंटे के भीतर ही इसे दोबारा हासिल कर लिया। उन्होंने अपने फॉलोअर्स को यह भी भरोसा दिलाया कि अब वे वापस ऑनलाइन आ गए हैं।