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राम मंदिर दान विवाद: ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को मिली क्लीन चिट
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को दान विवाद में क्लीन चिट मिल गई है

राम मंदिर दान विवाद: ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को मिली क्लीन चिट

लेखन आबिद खान
Aug 18, 2026
09:32 am

क्या है खबर?

अयोध्या के राम मंदिर दान विवाद को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। खबर है कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट मिल गई है। उनके महासचिव रहते ही दान में गड़बड़ी का मामला सामने आया था, जिसके बाद चंपत को इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, अब SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में चंपत की भूमिका को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है, जिसके चलते उन्हें क्लीन चिट मिल गई है।

अनिल मिश्रा

चंपत के साथ अनिल मिश्रा को भी क्लीन चिट

SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत के साथ-साथ अनिल मिश्रा का भी नाम नहीं है। जबकि दोनों पर ही सबसे ज्यादा आरोप लगे थे। बाद में मिश्रा ने भी ट्रस्ट के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था।

इस रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट को आगे की कार्यवाही के लिए दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें केवल 8 लोगों को ही आरोपी बताया गया है।

SIT

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या था?

SIT ने 23 जून को राज्य सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इसी आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

श्री राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टीनू को नामजद किया गया है।

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SIT

2 SIT कर रही हैं मामले की जांच

फिलहाल जो रिपोर्ट आई है, वो पहली SIT की है। इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को गठित किया गया था। इसका नेतृत्व लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं और अन्य सदस्यों में IG लखनऊ रेंज किरण एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन कुमार हैं।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी एक अन्य SIT का गठन किया था, जिसका नेतृत्व किरण एस कर रहे हैं।

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बयान

चंपत ने कहा था- अंतिम रिपोर्ट आने पर जवाब दूंगा

दान विवाद के चलते घिरे चंपत ने 'राम भक्तों के नाम एक पाती' साझा कर कहा था कि उनके ऊपर अनेकों लोगों द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, इसलिए उन्होंने मौन धारण कर लिया है।

उन्होंने कहा था, "आप सभी कह आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाए जा रहे, सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा। सभी सत्य सामने आ जाएगा।"

चंपत ने कहा था कि उनका जवीन खुली किताब रहा है।

विवाद

दान को लेकर क्या है विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब आरोप लगे कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई राशि और कीमती सामानों को गिनती प्रक्रिया के दौरान निकाल लिया गया था।

इस मामले की जांच SIT कर रही है, जिसने दान की गिनती और प्रबंधन से जुड़े 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। आरोपियों के पास से करीब 78 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।

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