राम मंदिर गबन: अयोध्या बार एसोसिएशन का फरमान- कोई न करें आरोपियों की पैरवी
अयोध्या बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे उन 8 लोगों का बचाव न करें, जिन पर राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए फंड में गबन का आरोप है। यदि कोई वकील इन आरोपियों का केस लड़ता है, तो उसे 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। लेकिन इस फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि हर आरोपी को वकील रखने का संवैधानिक अधिकार है, फिर चाहे उस पर कोई भी आरोप क्यों न हो।
सुप्रीम कोर्ट ने वकील के हक को फिर से दोहराया
साल 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया था कि कुछ खास मामलों में वकीलों को पैरवी करने से रोकना असंवैधानिक है और यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कोर्ट ने तब जोर देकर कहा था कि कोई मामला कितना भी पेचीदा या विवादों से घिरा क्यों न हो, कानूनी सहायता पाने का अधिकार बेहद अहम है। अदालत ने उम्मीद जताई थी कि वकील इन संवैधानिक सिद्धांतों पर कायम रहेंगे, फिर चाहे मामला कितना भी अलोकप्रिय क्यों न हो।