UN में जयशंकर की दो टूक: ग्लोबल साउथ एकजुट हो, चुनौतियों से लड़े
81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के देशों से एकजुट रहने का आह्वान किया, ताकि वे सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटें, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, AI से जुड़े खतरे और समुद्री सुरक्षा जैसी बड़ी चुनौतियों का मिलकर सामना कर सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अस्थिर कर रही हैं। जयशंकर ने कहा, "हमें आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय सहयोग को और गहरा करना होगा। अपनी चिंताओं को सामने रखने के लिए मौजूदा मंचों का इस्तेमाल करना चाहिए और 'सुधारित बहुपक्षवाद' के लिए लगातार कोशिशें करनी चाहिए।"
जयशंकर ने सप्लाई चेन को दुरुस्त करने का आह्वान किया
जयशंकर ने सुझाव दिया कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सप्लाई चेन में आ रही अड़चनों को दूर किया जाए, ऊर्जा की कीमतों में हेराफेरी रोकी जाए और अनाज व उर्वरक के प्रबंधन को बेहतर बनाया जाए।
उन्होंने समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। AI के मुद्दे पर, उन्होंने साझा कार्रवाई का आह्वान किया ताकि यह तकनीक देशों के बीच नई खाई पैदा न करे। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ के देशों को ज्यादा भागीदारी देने पर भी जोर दिया।