असम में बाढ़ से 95 की मौत, 14 जिलों के 1.60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
क्या है खबर?
असम में बाढ़ से हताहतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीते दिन यानी 5 अगस्त को 6 और लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद अब तक कुल मृतकों की संख्या 95 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने बताया कि 14 जिलों में 1.60 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मौतें
14 जिलों में हाई अलर्ट
5 अगस्त को बिश्वनाथ और शिवसागर में 2-2 मौतें हुई हैं, जबकि गोलाघाट में एक शख्स मारा गया है। मोरीगांव जिले के मयोंग राजस्व सर्कल में बाढ़ के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो गई है।
वहीं, उदलगुरी में एक व्यक्ति लापता हो गया है।
ASDMA ने बताया कि 38 राजस्व मंडलों के 563 गांवों में रहने वाले 1,60,653 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 14 जिले हाई अलर्ट पर हैं।
आंकड़े
शिवसागर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ से शिवसागर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 57,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद गोलाघाट (33,871) और जोरहाट (24,923) का नंबर आता है।
इसके अलावा चराइदेव में 22,122, लखीमपुर में 5,787, धेमाजी में 4,533, बिस्वनाथ में 3,747, दरांग में 3,613 और नागांव में 2,764 लोग प्रभावित हैं।
राज्य में 16,951.76 हेक्टेयर खेती जलमग्न हो गई है, जबकि 26,575 पालतू जानवर और मुर्गी-पालन भी प्रभावित हुए हैं।
सड़क
बुनियादी ढांचों को भी भारी नुकसान
बाढ़ ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 22 सड़कें, 2 पुल, कई तटबंध और 76 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 266 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
7 प्रमुख तटबंध टूट गए हैं, जिनमें से 5 बिस्वनाथ के ब्रह्मजान में और 2 दरांग के मंगलदोई में हैं। चराइदेव के चोलापोथर में एक स्टील पुल और उदलगुरी के तंगला में एक पैदल पुल को भी नुकसान पहुंचा है।
दौरा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया दौरा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने असम-नागालैंड सीमा पर स्थित शिवसागर जिले के नेपालीखुटी इलाके का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी थे।
उन्होंने कहा कि तबाही का दायरा इतना बड़ा है कि हालात सामान्य होने में समय लगेगा।
बाद में नड्डा ने मुख्यमंत्री सरमा और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की मौजूदा स्थिति और राहत, पुनर्वास और स्वास्थ्य देखभाल के उपायों पर उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा भी लिया।