बेंगलुरु: प्रत्यर्पण के दौरान पुलिस हिरासत में बांग्लादेशी महिला बनी मां, दिया बच्ची को जन्म
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बेंगलुरु पुलिस हिरासत में 22 साल की बांग्लादेशी महिला अस्मा खातून ने एक बच्ची को जन्म दिया। अस्मा खातून को भारत में बिना दस्तावेजों के रहने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। उस समय वह 8 महीने की गर्भवती थीं। यह घटना `'ऑपरेशन मुक्ता'` के तहत उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के दौरान 24 अगस्त को हुई।
घोष अस्पताल में हुआ अस्मा खातून का प्रसव
पुलिस ने अस्मा खातून के नियमित मेडिकल चेकअप का पूरा ध्यान रखा। जब उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो तुरंत घोष अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने सुरक्षित रूप से एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद, करीब 2 दिनों तक मां और बच्ची को हिरासत केंद्र में रखा गया। इसके बाद पुलिस अधिकारी उन्हें ज़रूरी सामान और खाने-पीने का सामान देकर पश्चिम बंगाल ले गए। वहां उन्हें बांग्लादेश वापसी की आगे की प्रक्रिया के लिए सौंप दिया गया।