AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अव्यवस्थाओं को लेकर अश्विनी वैष्णव ने मांगी माफी
क्या है खबर?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 में पहले दिन हुए अव्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोगों से माफी मांगी है। आज उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इस आयोजन में अगर किसी को परेशानी हुई है तो सरकार उसके लिए खेद जताती है। मंत्री ने बताया कि समिट में 70,000 से ज्यादा लोग पहुंचे, जिससे भीड़ बढ़ गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अनुभव बेहतर बनाने के लिए सुझावों पर काम किया जाएगा।
बयान
वैष्णव ने बयान में क्या कहा?
वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट है और इसका रिस्पॉन्स बेहद शानदार रहा है। यहां की ऊर्जा साफ महसूस की जा सकती है और आयोजन अब पूरी तरह सुचारू हो गया है। अगर पहले दिन किसी को कोई परेशानी हुई हो तो हम उसके लिए माफी मांगते हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार फीडबैक ले रही है और अनुभव बेहतर बनाने के लिए वॉर रूम के जरिए टीम लगातार काम कर रही है।
वजह
भीड़ और सुरक्षा के कारण देरी
पहले दिन बड़ी संख्या में स्टार्टअप फाउंडर, टेक कंपनियों के प्रतिनिधि और विदेशी मेहमान पहुंचे। ज्यादा भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई जगह लंबी लाइनें लग गईं। कुछ एग्जिबिटर्स ने बताया कि उन्हें अपने स्टॉल कुछ समय के लिए खाली करने को कहा गया है। साफ निर्देश न मिलने से भ्रम की स्थिति बनी रही। आयोजकों ने कहा कि हालात संभालने के लिए वॉर रूम बनाकर लगातार निगरानी की जा रही है।
आरोप
स्टार्टअप ने लगाए गंभीर आरोप
नियो सेपियन के सह-संस्थापक धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि सुरक्षा जांच के दौरान उनके AI वियरेबल डिवाइस गायब हो गए। उन्होंने कहा कि टीम ने फ्लाइट, होटल और बूथ पर खर्च किया था, लेकिन हाई-सिक्योरिटी जोन के अंदर से डिवाइस चोरी हो गए। एक अन्य फाउंडर पुनीत जैन ने भी स्पष्ट जानकारी न मिलने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना था कि घंटों बाहर इंतजार करना पड़ा और समन्वय की कमी साफ दिखी।
उम्मीद
सुधार का भरोसा और आगे की उम्मीद
कुछ प्रतिभागियों ने खराब वाई-फाई, नेटवर्क दिक्कत और कम बैठने की जगह की भी शिकायत की है। मंत्री ने कहा कि बाकी दिनों में एंट्री और मैनेजमेंट बेहतर रहेगा। उन्होंने सभी से फीडबैक देने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि 20 फरवरी तक चलने वाला यह समिट ग्लोबल AI चर्चा के लिए अहम मंच है। कई एग्जिबिटर्स को उम्मीद है कि आगे के दिनों में संचालन अधिक सुचारू रहेगा।