इलाहाबाद हाई कोर्ट के हिजाब फैसले पर ओवैसी का तीखा हमला, बताया संविधान का उल्लंघन
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की कड़ी आलोचना की है। हाई कोर्ट ने एक मुस्लिम छात्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत मांगी थी। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने इस फैसले को इस्लाम पर हमला बताया। उन्होंने अदालत के इस अधिकार पर भी सवाल उठाया कि इस्लामी प्रथाओं में क्या अनिवार्य है, यह तय करने का अधिकार अदालत को कैसे हो सकता है। उनके अनुसार, यह संविधान में दिए गए अधिकारों का उल्लंघन है।
हाई कोर्ट ने हिजाब से इनकार को वैध ठहराया
हाई कोर्ट ने ड्रेस कोड लागू करने के स्कूल के अधिकार का समर्थन किया। न्यायाधीशों ने कहा कि जो नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, उन्हें व्यक्तिगत पसंद से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि छात्रा निचली कक्षाओं में बिना किसी रोक-टोक के स्कार्फ पहनती रही थी, लेकिन इससे यह उसका स्थायी अधिकार नहीं बन जाता। अदालत ने कहा कि यूनिफॉर्म तय करना मुख्य रूप से स्कूल के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में हिजाब की मांग को खारिज करने से किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं होता।