
अरुण जेटली के परिवार ने पेंशन लेने से किया इनकार, दान करने का लिया फैसला
क्या है खबर?
दिवंगत वित्त मंत्री अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने उनकी पेंशन लेने से इनकार करते हुए इसे दान करने का फैसला लिया है।
संगीता ने राज्यसभा चेयरमैन वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा कि अरुण जेटली की बकाया पेंशन को राज्यसभा के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वितरित कर दी जाए।
जेटली के परिवार ने कहा कि वो समाजसेवा में यकीन रखते थे और इसी वजह से परिवार ने यह फैसला लिया है।
पेंशन
परिवार को हर महीने मिलने थे लगभग 25,000 रुपये
नियमों के मुताबिक, पूर्व सासंद को हर महीने 20,000 रुपये की पेंशन मिलती है।
साथ ही उनके कार्यकाल के एक साल के आधार पर 1,500 रुपये अधिक मिलते हैं।
अरुण जेटली 1999 से राज्यसभा के सांसद थे। इस नाते वो अतिरिक्त 22,500 रुपये के हकदार थे।
जेटली की मौत के बाद उनके परिवार को हर महीने लगभग 25,000 रुपये बतौर पेंशन मिलने थे, लेकिन उनके परिवार ने यह पेंशन लेने की बजाय दान करने का फैसला किया है।
पत्र
परिवार ने कहा- अरुण की भी यही इच्छा होती
संगीता जेटली ने पत्र में लिखा, 'जिस महान कार्य को अरुण किया करते थे उनके उसी मार्ग पर चलते हुए मैं संसद से अनुरोध करती हूं कि एक दिवंगत सांसद के परिवार को मिलने वाली पेंशन को उस संस्थान के जरुरतमंद लोगों को दान कर दिया जाए जिसकी जेटली ने दो दशकों तक सेवा की है। यानी राज्यसभा के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दी जाए।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि अरुण की भी यही इच्छा होती।'
जानकारी
24 अगस्त को हुआ था जेटली का निधन
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में कई मंत्रालयों का प्रभार संभालने वाले जेटली का 24 अगस्त को 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। 9 अगस्त को सांस लेने में हो रही तकलीफ के बाद उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया था।
समाजसेवा
अपने कर्मचारियों के बच्चों को अपने बच्चों के साथ पढ़ाते थे जेटली
बहुत कम लोग ये बात जानते होंगे कि जेटली अपने घर काम करने कर्मचारियों के बच्चों को भी अपने बच्चों के स्कूल में पढ़ाते थे।
जेटली के बच्चे चाणक्यपुरी स्थित कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़े हैं। इसी स्कूल में उनके घर के कर्मचारियों के बच्चे पढ़े हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेटली के खाने-पीनेे की व्यवस्था देखने वाले एक कर्मचारी की बेटी को जेटली ने पढ़ने के लिए लंदन भेजा था।
सम्मान
बिहार में लगेगा जेटली का स्टैच्यू
जेटली की मौत एक लगभग एक सप्ताह बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि बिहार में उनका स्टैच्यू बनाया जाएगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल जेटली की जयंती को राज्य स्तरीय आयोजन के तौर पर मनाया जाएगा।
इसके अलावा जेटली की याद में दिल्ली के फिरोजशाह स्टेडियम का नाम बदलकर भी अरुण जेटली स्टेडियम किया गया है।
बता दें, जेटली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के अध्यक्ष रहे थे।