असम में बाढ़: 48,000 जिंदगियां खतरे में, NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा
जून के आखिर से असम में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसकी वजह से 4 जिलों के करीब 48,500 लोग जलमग्न घरों और खराब हुई जमीन से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में है, जहां 44,000 से भी ज्यादा लोग इस मुसीबत में फंसे हुए हैं। विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं और परिवारों को गुजर-बसर करने में मदद देने के लिए चावल, दाल जैसी जरूरी चीजें बांटी जा रही हैं।
NDRF और SDRF ने धेमाजी में 713 लोगों को बचाया
NDRF और SDRF की बचाव टीमों ने अब तक धेमाजी में 713 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। 1 जुलाई को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरण रिजिजू ने बाढ़ वाले इलाकों का हवाई दौरा किया और सभी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। इस बाढ़ ने गांव-गांव को डुबो दिया है, 2,100 हेक्टेयर से ज्यादा की फसलें बर्बाद कर दी हैं और हजारों पशुओं को विस्थापित कर दिया है। सड़कें और पुल भी टूट गए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।