दिल्ली की फिर बिगड़ने लगी हवा की गुणवत्ता, PM2.5 से फेफड़ों के कैंसर का खतरा
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता फिर से बिगड़ने लग गई है। मंगलवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 157 दर्ज किया गया। भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पैमाने पर 101 से 200 के बीच के AQI को 'मध्यम' माना जाता है। PM2.5 कणों का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोगों को खांसी और गले में खराश होने लगी है। यह सिर्फ बेचैनी की बात नहीं, बल्कि बाहर निकलने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है।
PM2.5 का फेफड़ों के कैंसर से संबंध
खराब हवा के दिनों में जिन लोगों को स्वास्थ्य का खतरा ज्यादा है, उन्हें बाहर ज्यादा मेहनत करने से बचना चाहिए। खासकर उन्हें जिन्हें अस्थमा, फेफड़ों की कोई पुरानी बीमारी या दिल की पहले से कोई समस्या है। इसके अलावा नेचर' पत्रिका में छपे एक शोध में यह भी पता चला है कि PM2.5 जैसे इन बारीक कणों को लंबे समय तक सांस से अंदर लेने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। खास बात यह है कि इसका खतरा धूम्रपान न करने वालों को भी हो सकता है, क्योंकि ये कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सूजन और अन्य जैविक बदलाव कर सकते हैं।