केदारनाथ में स्वच्छता का महाअभियान, 5000 यात्रियों ने हटाया 12 टन से ज्यादा प्लास्टिक
केदारनाथ यात्रा पर गए लगभग 5,000 श्रद्धालुओं ने 'कैरी मी बैक' अभियान में हिस्सा लिया। सबने मिलकर 12 टन से ज्यादा संकुचित प्लास्टिक कचरा गौरीकुंड तक नीचे उतारा। यह एक बेहतरीन टीमवर्क का नमूना देखने को मिला।
इस अभियान का मकसद था- ऊंचाई पर बसे इस मंदिर में जमा हो रहे कचरे की बड़ी समस्या से निपटना, क्योंकि यहां से कचरा हटाना बहुत मुश्किल भरा काम है।
अलग-अलग राज्यों के स्वयंसेवकों को सोशल मीडिया का साथ मिला
इस नेक काम में तमिलनाडु और ओडिशा जैसे कई राज्यों के लोग भी जुड़ गए। इस दौरान कुछ प्रेरणादायक कहानियां भी सामने आईं। जैसे मदन लाल ने अपना एक हाथ न होने के बावजूद भी कचरा उठाया, वहीं अंकिता सिंह 8 किलो प्लास्टिक का बोझ लेकर अपने दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर निकल पड़ीं।
कुछ यात्रियों ने तो मदद के लिए साइकिलों का भी सहारा लिया। सोशल मीडिया ने इस अभियान को जबरदस्त बढ़ावा दिया। इसकी वजह से संदेश दूर-दूर तक पहुंचा और हिमालय के पर्यावरण को बचाने के लिए और भी लोग इसमें शामिल होने को प्रेरित हुए।