दिल्ली में SIR: GB रोड की 500 यौनकर्मियों का मतदान का अधिकार क्यों छीना गया?
दिल्ली के जाने-माने रेड-लाइट इलाके GB रोड की मतदाता सूची में हाल ही में हुए अपडेट के बाद, करीब 500 यौनकर्मी सूची से बाहर हो गई हैं। इनमें से ज्यादातर के नाम या तो जरूरी दस्तावेज न होने की वजह से हटाए गए हैं, या फिर उन्हें 'शिफ्टेड' (यहां से जा चुके) दिखाया गया है। इससे कई ऐसी यौनकर्मी मतदान नहीं कर पाएंगी, जिनके पास पहले वैध वोटर आईडी कार्ड भी थे।
36 साल की यौनकर्मी ब्यूटी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, "अगर मेरे पास मेरे पिता का जन्म प्रमाण पत्र, या मेरा अपना 10वीं का सर्टिफिकेट होता, तो मैं साबित कर पाती कि मैं कौन हूं।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मेरी तस्करी की वजह से मेरे परिवार को इतनी बदनामी मिली है कि वे मुझे अब अपनाते ही नहीं हैं, तो ऐसे में मैं उनसे ये कागजात मांगने अपने गांव कैसे जाऊं?"
दस्तावेजों की कमी से नाम फिर से जोड़ने की मांग
यहां कई यौनकर्मी जरूरी कागजात नहीं दे पाती हैं, क्योंकि अक्सर उनकी तस्करी की गई होती है या वे अपने परिवार से अलग हो चुकी होती हैं। ऐसे में उनके लिए स्थायी दस्तावेज बनवाना मुश्किल होता है।
कुछ लोगों तक तो वे फॉर्म भी नहीं पहुंचे, जो उनकी पहचान को सत्यापित करने के लिए दिए गए थे। उनका समर्थन कर रहे संगठनों का कहना है कि यह ऐसे लोगों के मतदान अधिकारों को संभालने के तरीके में बड़ी खामियों को दिखाता है, जिनकी जिंदगी काफी उलझी हुई है।
अब यह समुदाय चुनाव अधिकारियों से अपील कर रहा है कि उन्हें फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाए, ताकि उनकी आवाज दब न जाए।
ब्यूटी ने कहा, "वोट डालने का अधिकार सभी के लिए एक समान होता है। जब मैं उस कतार में खड़ी होती हूं, तो कोई मुझसे बड़ा या छोटा नहीं होता। यह मुझे इस बात का अहसास दिलाता है कि लोग मेरे काम को लेकर चाहे कुछ भी सोचते हों, मैं अब भी हर किसी के बराबर हूं।"