भारत के 4.7 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर खेती संग होगा बिजली का उत्पादन, सरकार करेगी सस्ता
भारत में करीब एक तिहाई कृषि भूमि एग्रीवोल्टिक्स के लिए अच्छी मानी जा सकती है। यह रकबा लगभग 4.775 करोड़ हेक्टेयर बनता है।
महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य इस संभावित क्षमता का लगभग आधा हिस्सा रखते हैं।
भारत सरकार एग्रीवोल्टिक्स की लागत कम करेगी
एग्रीवोल्टिक्स का विचार सुनने में काफी लुभावना लगता है, लेकिन इसे स्थापित करना काफी महंगा पड़ता है।
भारत के ज्यादातर किसान छोटे हैं और उनकी संख्या कुल किसानों का करीब 85 प्रतिशत है। ऐसे में उनके लिए इसे लगाना काफी मुश्किल भरा काम है।
इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार नई नीतियां और योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है। इनका मकसद सोलर पैनलों को सस्ता बनाना और पॉलीसिलिकॉन की उपलब्धता बढ़ाना है।
पॉलीसिलिकॉन सोलर सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक मुख्य कच्चा माल है। सरकार का मकसद है कि भारतीय खेतों को स्वच्छ ऊर्जा का एक ठोस विकल्प मिल पाए।