अनिल अंबानी ने कॉर्पोरेट वित्तपोषण में मांगी थी एपस्टीन से मदद, दस्तावेजों में हुआ खुलासा
क्या है खबर?
अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) द्वारा जारी दस्तावेजों के जखीरे में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी और यौन अपराध के दोषी जेफरी एपस्टीन के बीच हुए पत्राचार का विस्तृत विवरण है। फरवरी 2017 से मई 2019 तक के इन पत्राचारों से व्यापार वित्तपोषण, रक्षा सौदों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और व्यक्तिगत मामलों पर हुई चर्चाओं का पता चलता है। ये बातचीत एपस्टीन पर जुलाई 2019 में यौन तस्करी के आरोप लगने से कुछ महीने पहले हुई थीं।
मदद
अनिल ने कॉर्पोरेट स्तर पर वित्तपोषण के लिए कैसे मांगी थी मदद?
दस्तावेजों के अनुसार, अनिल ने कॉर्पोरेट वित्तपोषण की व्यवस्था करने में एपस्टीन की मदद मांगी थी। 20 अप्रैल, 2019 को एक आईमैसेज में उन्होंने एपस्टीन को लिखा, 'बात करेंगे। सहमति बन गई है। कॉर्पोरेट स्तर पर वित्तपोषण की व्यवस्था करने में आप कैसे मदद कर सकते हैं?' एपस्टीन ने अंबानी को वित्त विशेषज्ञों के साथ अपने घर पर रात्रिभोज के लिए भी आमंत्रित किया, हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनकी प्रतिष्ठा को लेकर चिंता हो सकती है।
चर्चा
रक्षा सौदों और निजी मामलों पर भी हुई चर्चा
पत्राचार में रक्षा सौदों और निजी मामलों पर भी चर्चा हुई। अंबानी ने अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग में रुचि दिखाई, जिस पर एपस्टीन ने लिखा, 'आपका ध्यान बिल्कुल सही है। रक्षा आदि।' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर भी चर्चा की। दुबई पोर्ट वर्ल्ड के CEO सुल्तान अहमद बिन सुलेयम द्वारा 22 फरवरी, 2017 को अंबानी के संपर्क विवरण एपस्टीन को ईमेल करने के कुछ समय बाद अंबानी पेरिस स्थित एपस्टीन के आवास पर रात्रिभोज करने गए थे।
जांच
पेरिस में फ्रांसीसी नागरिकों से जुड़े संदिग्ध अपराधों की दोबारा शुरू होगी जांच
इन दस्तावेजों के जारी होने से वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है और कुछ देशों ने एपस्टीन फाइलों में नामित अपने नागरिकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पेरिस ने इन फाइलों का विश्लेषण करने और फ्रांसीसी नागरिकों से जुड़े संदिग्ध अपराधों की जांच शुरू करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। इसमें एपस्टीन से जुड़े एक पूर्व मॉडलिंग एजेंसी के कार्यकारी जीन-ल्यूक ब्रुनेल से संबंधित मामलों की फिर से जांच करना भी शामिल है।