आंध्र प्रदेश में 3D प्रिंटिंग का कमाल, गांव-गांव में बनेंगे भविष्य के घर
4 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश एक खास परियोजना शुरू करने जा रहा है। इसके तहत PMAY-ग्रामीण योजना के अंतर्गत 3D कांक्रीट प्रिंटिंग (3DCP) तकनीक का इस्तेमाल करके ग्रामीण इलाकों में घर बनाए जाएंगे।
इस योजना का मकसद बुर्रीपालेम में 100 और पोथुरू में 77 घर तैयार करना है, जिस पर लगभग ₹13.93 करोड़ का खर्च आएगा।
बुनियादी ढांचे के ऑटोमेशन के लिए केंद्र से बड़ा फंड
इस प्रोजेक्ट के लिए ज्यादातर फंड केंद्र सरकार से आएगा, जबकि बाकी का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। विशाखापट्टनम के GVP कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, पी. वीरभद्र राव बताते हैं कि यह सिर्फ नए घर बनाने तक ही सीमित नहीं है। इसका मकसद ऑटोमेशन के जरिए बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाना भी है।
3DCP तकनीक में डिजिटल डिजाइन का उपयोग होता है, जिससे असली इमारतें 'प्रिंट' की जा सकती हैं। इससे पारंपरिक ईंटों की चिनाई वाले काम की जरूरत कम हो जाती है। भारत ने 2021 में IIT मद्रास में इस तकनीक पर काम करना शुरू किया था। अब आंध्र प्रदेश भी दुबई और जापान जैसे देशों के साथ उन इलाकों में शामिल हो गया है, जो आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन भविष्यवादी निर्माणों को आजमा रहे हैं।