कोटिया चुनाव विवाद: ओडिशा ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, आंध्र प्रदेश फिर भी अड़ा
आंध्र प्रदेश 5 नवंबर को विवादित कोटिया गांवों में स्थानीय चुनाव कराने की तैयारी में है, भले ही ओडिशा ने इन चुनावों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ओडिशा का कहना है कि ये चुनाव कराना 2006 के उस अदालती आदेश का उल्लंघन है जिसमें यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया था। हालांकि, आंध्र प्रदेश के चुनाव अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार करते हुए भी अपनी तैयारियां जारी रखे हुए हैं।
कोटिया में राजनीतिक दलों का प्रचार तेज
कोटिया क्षेत्र वर्षों से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच विवादित रहा है, दोनों ही राज्य इस पर अपना दावा करते हैं और अपने-अपने चुनाव भी कराते रहे हैं। यह कानूनी खींचतान कोई नई बात नहीं है। ओडिशा ने पहले भी इसे चुनौती दी थी और अब एक बार फिर ऐसा ही कर रहा है। इस बीच, YSR कांग्रेस जैसी पार्टियां अपनी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर वोट बटोरने की उम्मीद कर रही हैं। इसी तरह तेलुगू देशम पार्टी (TDP) भी अपना चुनाव प्रचार तेजी से आगे बढ़ा रही है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों से उम्मीद है कि वे कोटिया गांवों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजेंगे, ताकि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।