भारत की न्याय व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव, लागू हुए 3 नए कानून
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के 3 बड़े नए आपराधिक कानूनों के लिए एक साल की समय-सीमा तय की थी, जो अब पूरी हो चुकी है। अब 1 जुलाई, 2024 से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे ये नए कानून लागू हो गए हैं। इन कानूनों ने ब्रिटिश काल के पुराने इंडियन पीनल कोड, कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह ले ली है। इनका मुख्य उद्देश्य हमारी कानूनी प्रणाली को और तेज और निष्पक्ष बनाना है।
शाह ने CCTNS, NATGRID और ICJS को अपनाने पर जोर दिया
अमित शाह ने कहा है कि इन बदलावों से सुप्रीम कोर्ट में मामलों को निपटाने में लगने वाला समय घटकर तीन साल हो सकता है और अपराधियों को सजा दिलाने की दर भी 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। उन्होंने राज्यों से भी आग्रह किया है कि वे अपराधों की बेहतर निगरानी के लिए CCTNS, NATGRID और ICJS जैसी स्मार्ट तकनीकी प्रणालियों को अपनाएं। साथ ही सीमा प्रबंधन को और मजबूत करने और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने पर भी खास जोर दिया जा रहा है।