अमित शाह का 'न्याय क्रांति' संकल्प, अब 3 साल में होगा इंसाफ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। उनका लक्ष्य है कि FIR दर्ज होने के 3 साल के भीतर लोगों को न्याय मिल जाए। उन्होंने नई भारतीय न्याय संहिता को एक क्रांतिकारी कदम बताया है। इस कानून में आधुनिक फोरेंसिक विज्ञान का इस्तेमाल करने पर खास ध्यान दिया गया है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, भीड़ द्वारा हत्या और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों को भी इसमें शामिल किया गया है।
अमित शाह ने 255 करोड़ के दूध प्लांट की घोषणा की
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे सुधार पहले क्यों नहीं किए। वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की, जिनकी अगुवाई में एक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया। शाह ने बताया कि इस मंत्रालय के गठन से पशुपालकों को बाजार के बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूध का उत्पादन बढ़कर 25 करोड़ टन हो गया है। इसी मौके पर उन्होंने उज्जैन में एक नए दूध प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 255 करोड़ रुपये के निवेश का भी खुलासा किया। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की सरकार की बड़ी कोशिशों का हिस्सा है।