अमित शाह की ड्रग्स पर महाबैठक: 2047 तक कैसे नशा मुक्त बनेगा भारत?
गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में एक बड़ी 2 दिवसीय बैठक का उद्घाटन किया है। इस बैठक में देशभर से मादक पदार्थ विरोधी अभियानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी इकट्ठा हुए हैं। इस बैठक का मुख्य मकसद 'विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' की प्रगति की समीक्षा करना है। यह 3 साल का राष्ट्रीय प्लान है, जिसके तहत कुछ खास लक्ष्य तय किए गए हैं। इसका बड़ा लक्ष्य 2047 तक भारत को नशा मुक्त बनाना है। इसमें पुलिसिंग, रोकथाम और पुनर्वास जैसे क्षेत्रों के लिए भी कई लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनकी प्रगति पर नजर रखी जाएगी।
बैठक में स्मार्ट कार्रवाई और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया
यह बैठक ड्रग्स की तस्करी को रोकने और इसकी मांग कम करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई गई है। यहां अधिकारी अपने विचार साझा कर रहे हैं। साल 2025 में 1,240.9 टन ड्रग्स पकड़ी गई थी। इसे देखते हुए अधिकारी अब स्मार्ट तरीके से कार्रवाई करने, सिंथेटिक ड्रग्स पर लगाम कसने और मजबूत टीमें बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। भारत ड्रग्स तस्करी का एक बड़ा ट्रांजिट पॉइंट भी है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सभी मिलकर सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने तथा समुदायों को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।