पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने तेल सुरक्षा के लिए ढूंढे नए रास्ते, RBI भी आया साथ
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने पुराने तेल मार्गों को मुश्किल बना दिया है, ऐसे में भारत अब अपने ईंधन की सप्लाई जारी रखने के लिए नए रास्ते खोज रहा है। इसी महीने भारतीय नेता ईरान, UAE और हिंद महासागर के दूसरे देशों के मंत्रियों से मिल रहे हैं।
इस दौरान वे इस बात पर चर्चा करेंगे कि तेल की आपूर्ति ठीक बनी रहे और जहाजों की आवाजाही भी सुरक्षित रहे।
RBI ने तेल कंपनियों की डॉलर की जरूरत में दिया साथ
भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल विदेश से खरीदता है, जिसमें से ज्यादातर कुछ ही देशों से आता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये के कमजोर होने से आयात और महंगा होता जा रहा है।
इस मुश्किल वक्त में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी तेल कंपनियों की मदद करने का फैसला किया है, ताकि उन्हें डॉलर की कमी न हो। इसके साथ ही, भारत अपने देश में तेल का उत्पादन बढ़ाने और कच्चे तेल का भंडार तैयार करने पर भी जोर दे रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि दुनिया में होने वाली किसी भी बड़ी हलचल का असर उस पर एकदम से न पड़े।