कर्नाटक में सूखे का विकराल संकट, केंद्र सरकार से 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत की मांग
इस साल कर्नाटक भीषण सूखे की चपेट में है। राज्य ने केंद्र सरकार से 7,142.64 करोड़ रुपये की राहत राशि मांगी है। शुरुआत में 101 इलाकों के लिए मदद मांगी गई थी, लेकिन बाद में जब और जगहों पर हालात बिगड़ने लगे, तो 3,437.34 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग करनी पड़ी। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में उस केंद्रीय टीम से मुलाकात की है, जो राज्य में सूखे की स्थिति का जायजा लेने आई है।
177 तालुकों पर भारी पड़ रहा है सूखा
सूखे के कारण 177 तालुकों में 46,324.50 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। इस बार अरहर, मक्का और कपास जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, क्योंकि राज्य में सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सूखे से निपटने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए राज्य सरकार केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग कर रही है। केंद्रीय टीम अभी राज्य के दौरे पर है और वह यहां हुए फसल नुकसान और सूखे की मौजूदा स्थिति का आकलन कर रही है।