भारत में बिजली की मांग ने 5 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 252 गीगावाट तक पहुंची
इस बार गर्मी ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है। तपिश इतनी ज्यादा है कि बिजली की मांग 5 साल के सबसे ऊंचे स्तर यानी 252 गीगावाट पर पहुंच गई है। आमतौर पर इतनी बिजली की जरूरत जून या जुलाई में पड़ती है, लेकिन अभी से ही बेमौसम तपिश ने लोगों को घरों और दफ्तरों में AC चलाने पर मजबूर कर दिया है। प्रयागराज जैसे शहरों में तो पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसकी वजह से बिजली की खपत अचानक बढ़ गई।
कोयले के रखरखाव में देरी, सरकार नवीकरणीय ऊर्जा पर दे रही जोर
इतने बिजली घर होने के बावजूद, इस अचानक बढ़ी मांग को पूरा करना आसान नहीं है। जानकारों का कहना है कि अभी गैस आधारित बिजली विश्वसनीय नहीं है, इसलिए सरकार ने कोयला बिजली घरों की मरम्मत को टालने का फैसला लिया है। बिजली की सप्लाई बनी रहे, इसके लिए कोयले और नवीकरणीय ऊर्जा पर जयादा जोर दिया जा रहा है। साथ ही, आने वाले समय में इस तरह की बेमौसम तपिश से निपटने के लिए बेहतर एनर्जी स्टोरेज पर भी काम हो रहा है, ताकि बिजली की कमी न हो।