महाराष्ट्र के छात्रावास से 610 छात्राएं 'भूत' के डर से भागीं, क्या निकली सच्चाई?
महाराष्ट्र के डोमा स्थित सरकारी आदिवासी हॉस्टल से करीब 610 छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया है। हॉस्टल में कुछ अजीब घटनाएं होने लगी थीं, जैसे कुछ छात्राएं अचानक रोने लगतीं, तो कुछ हंसने लगतीं और कुछ बेहोश होकर गिर जातीं।
इन अजीब घटनाओं से हॉस्टल में भूतों की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते इतनी घबराहट बढ़ी कि माता-पिता तुरंत हॉस्टल पहुंच गए और अपने बच्चों को वहां से ले गए।
राज्य स्वास्थ्य टीम ने जांच में क्या पाया?
राज्य स्वास्थ्य टीम की जांच में किसी भी तरह की अलौकिक गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला। टीम ने इसे 'सिलेक्टिव हिस्टेरिया' कहा। उन्होंने बताया कि ज्यादा तनाव या दूसरों की प्रतिक्रिया देखने पर भी समूह में ऐसे ही लक्षण दिखने लगते हैं।
स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई और मंदिर के नाले में बदलाव को इसका कारण बताया, लेकिन जांच में इन दावों में कोई सच्चाई नहीं मिली। यह भी सामने आया कि हॉस्टल के कुछ कमरों में बहुत ज्यादा भीड़ थी और उनमें पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था। अब अधिकारियों का कहना है कि लड़कियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की जा रही है ताकि वे वापस आकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।